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हरियाणा में बुढ़ापा पेंशन कटने को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच एक बड़ा खुलासा हुआ है। समाज कल्याण विभाग में पेंशन का काम देखने वाले सेवा सेक्शन ने 65 से 70 साल के आयु वर्ग के बुजुर्गों की बुढ़ापा पेंशन होल्ड की है। ऐसे बुजुर्गों की संख्या लगभग 70 हजार बताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, पेंशन रोकने के मुख्य कारण कुछ बुजुर्गों के खाते डाकघर में होना, इनकम टैक्स विभाग से संदिग्ध खातों की जानकारी मिलना, पेंशन लेने वालों में कुछ के परिवार में कार होना, और कुछ पेंशन धारकों के नाम पर 20 एकड़ तक कृषि भूमि होना। इसके अलावा, कुछ मामलों में रिकॉर्ड में आयु 60 साल से कम पाई गई है।
अधिकारी ऐसे लोगों के डॉक्यूमेंट्स की जांच कर रहे हैं। अगर कोई कमी नहीं मिलती है तो पेंशन एरियर के साथ रिलीज कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री का कड़ा एक्शन
पेंशन को लेकर मचे बवाल के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक आज इमरजेंसी मीटिंग की। सीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जब तक वेरिफिकेशन का काम पूरा नहीं हो जाए तब तक किसी भी बुजुर्ग की पेंशन होल्ड नहीं की जाए। सबकी पेंशन जारी की जाए। इसके अलावा सीएम सैनी ने हिदायत दी है कि जल्द से जल्द होल्ड पेंशन को जारी किया जाए। मीटिंग में सेवा विभाग के 3 सीनियर अधिकारी और पेंशन से जुड़े 11 अन्य अधिकारियों को भी बुलाया गया था।
पेंशन होल्ड करने की वजहें…
1. डाकघर के खातों को बैंक में कनवर्ट: हरियाणा में जिन 70 हजार बुजुर्गों की पेंशन रोकी गई है, उसकी पहली वजह सेवा विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने यह बताई है कि सरकार पेंशन सीधे बैंक खातों में भेजती है, लेकिन कुछ बुजुर्गों के खाते डाकघर में चल रहे हैं, जिसके कारण कुछ तकनीकी दिक्कत आ रही है। इसलिए, अब इन खातों को बैंक में कनवर्ट किया जा रहा है।
2. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से मिला इनपुट: सेवा विभाग के सूत्रों का कहना है कि प्रदेश के आयकर विभाग से कुछ संदिग्ध खातों की जानकारी भेजी गई है। इन संदिग्ध खातों में वे खाते शामिल हैं, जिनमें रिटायर्ड फौजी, प्रिंसिपल या अन्य ऐसे ही लोग हैं। इन लोगों की पत्नियां भी इस बुढ़ापा पेंशन का लाभ ले रही हैं। यह जानकारी मिलने के बाद विभाग की ओर से ऐसे खातों की वेरिफिकेशन शुरू की गई है।
3. कार वाले भी ले रहे पेंशन: पेंशन रोकने का तीसरा कारण विभाग के सूत्रों ने यह बताया है कि पेंशन लेने वाले कुछ ऐसे भी लोग हैं जिनके परिवार में मोटर-कार भी है। परिवार पहचान पत्र में भी उन्होंने यह जानकारी छिपाई है। यह जानकारी मिलने के बाद सेवा विभाग की ओर से पेंशन रोक दी गई है।
4. मेरी फसल-मेरा ब्योरा का इनपुट: सबसे अहम बात यह है कि मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर कुछ ऐसे पेंशन धारक भी चिह्नित हुए हैं, जिनके नाम पर 20-20 एकड़ तक कृषि भूमि रजिस्टर्ड है। इसके अलावा, ये पेंशन धारक केंद्रीय योजनाओं के तहत किसानों को दिए जाने वाले आर्थिक लाभ भी ले रहे हैं।
5. 60 साल से कम मिली है आयु: विभाग के सामने यह भी आया है कि कुछ बुजुर्गों के रिकॉर्ड में 60 साल से कम आयु पाई गई है। इसका कारण यह है कि ये 15 साल पुराने पेंशनर हैं, जिनकी आयु मेडिकल सर्टिफिकेट के आधार पर निर्धारित की गई थी।