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गुरूग्राम (जतिन /राजा )
भारत सरकार ने देश के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने के लिए एक महत्वाकांक्षी कदम उठाते हुए भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) को मंजूरी दे दी है। 33 हजार 660 करोड़ के भारी-भरकम बजट वाली इस योजना का लक्ष्य अगले 6 वर्षों में देश भर में 100 नए इंडस्ट्रियल पार्क स्थापित करना है। इस पहल से ना केवल घरेलू विनिर्माण को गति मिलेगी, बल्कि लगभग 15 लाख प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर है। इसके तहत कंपनियों को जमीन, बिजली, पानी और सभी जरूरी क्लीयरेंस पहले से तैयार मिलेंगे। इसका सीधा मतलब है कि उद्योगपति बिना किसी प्रशासनिक देरी के अपनी फैक्ट्री शुरू कर सकेंगे, जिससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के इंडेक्स में भारत की स्थिति और मजबूत होगी।
इस योजना का स्वागत करते हुए सीआईआई हरियाणा काउंसिल के वरिष्ठ सदस्य और कैपेरो मारुति के सीईओ विनोद बापना ने इसे भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ बताया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की भव्य योजना भारतीय विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक ऑक्सीजन की तरह काम करेगी। उन्होंने कहा कि भव्य योजना केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह भविष्य के भारत की औद्योगिक नींव साबित होगी।
विशेष रूप से हरियाणा और एनसीआर जैसे क्षेत्रों के लिए जो पहले से ही ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग का गढ़ हैं, यह योजना वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिकने की नई शक्ति देगी। उन्होंने कहा कि प्लग-एंड-प्ले सुविधा से निवेश की लागत घटेगी और उत्पादन का समय बचेगा। यह कदम भारत को सही मायने में आत्मनिर्भर और ग्लोबल सप्लाई चेन का केंद्र बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।
विनोद बापना ने कहा कि भव्य योजना के तहत बनने वाले 100 पार्कों में से एक बड़ा हिस्सा हरियाणा को मिल सकता है।
इसके पीछे कई ठोस कारण हैं। जिसमें कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की मौजूदगी। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम, मानेसर और फरीदाबाद में पहले से स्थापित ऑटो और इंजीनियरिंग क्लस्टर को नई तकनीक और विस्तार के लिए जमीन मिलेगी।वंही बड़ी कंपनियों के आने से हरियाणा के हजारों छोटे और मध्यम उद्योगों को नए ऑर्डर और बेहतर बाजार मिलेगा। इसके साथ ही जेवर एयरपोर्ट के पास बनने वाले इंडस्ट्रियल पार्क्स से निर्यात को अभूतपूर्व पंख लग सकेंगे।