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गुरूग्राम :(जतिन/राजा )
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बीच हरियाणा का उद्योग जगत एक दोहरी मार झेल रहा है। एक तरफ अंतरराष्ट्रीय कारणों से सप्लाई चेन और कच्चे माल की कीमतें प्रभावित हैं, तो दूसरी तरफ हरियाणा सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन में प्रस्तावित भारी वृद्धि ने उद्यमियों की नींद उड़ा दी है। सीआईआई हरियाणा काउंसिल के वरिष्ठ सदस्य और कैपेरो मारुति के सीईओ विनोद बापना ने मौजूदा हालात पर प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और तनाव के कारण औद्योगिक क्षेत्र बुरी तरह से प्रभावित है। कच्चे माल की लागत बढ़ गई है और ईंधन की कीमतों में उछाल ने मुनाफे को खत्म कर दिया है। विनोद बापना ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालातों को देखते हुए यह समय उद्योग जगत को मरहम लगाने का है। सरकार को चाहिए कि वह कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले उद्योग जगत को विश्वास में ले।
उन्होंने कहा कि न्यूनतम वेतन में अचानक और भारी वृद्धि उद्योगों की कमर तोड़ देगी। उद्योग संगठनों के आंकड़ों के आधार पर बोलते हुए बापना ने कहा कि हरियाणा में प्रस्तावित न्यूनतम वेतन उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों की तुलना में काफी अधिक है। ऐसे में इतनी बड़ी विसंगति के कारण हरियाणा का उद्योग अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता खो देगा और निवेश अन्य राज्यों की ओर पलायन कर सकता है।
उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम उद्योगों के पास सीमित वर्किंग कैपिटल होती है। बिजली के फिक्स्ड चार्ज, महंगे ईंधन और अब बढ़े हुए वेतन के कारण कई इकाइयां बंद होने की कगार पर पहुंच जाएंगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रस्तावित वेतन वृद्धि की दोबारा समीक्षा की जाए ताकि यह व्यावहारिक हो, यदि वृद्धि जरूरी है तो इसे एक साथ लागू करने के बजाय चरणों में लागू किया जाए, श्रम-प्रधान और एमएसएमई उद्योगों के लिए सरकार विशेष राहत पैकेज या सब्सिडी का प्रावधान करे, कोई भी अधिसूचना जारी करने से पहले उद्योग प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की जाए।
बापना ने कहा कि हरियाणा का उद्योग जगत इस समय एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच न्यूनतम वेतन का यह झटका औद्योगिक पहिये को थाम सकता है।उन्होंने उद्योग संगठनों की तरफ से हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिँह सैनी व हरियाणा श्रम मंत्री अनिल विज से गुहार लगाई है कि हरियाणा सरकार न्यूनतम वेतन वृद्धि के फैसले पर जल्द से जल्द पुनर्विचार करें।