Loading

भिवानी।

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश एवं भिवानी के इंस्पेक्टिंग जज संदीप मुद्गिल ने शनिवार को भिवानी न्यायिक परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने न्यायिक एवं जिलाधिकारियों तथा बार में अधिवक्ताओं को संबोधित किया।

उन्होंने विशेषकर पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए कि न्यायिक परिसर-लघु सचिवालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी की जाए। भविष्य में यहां पर गोलीबारी की घटना नहीं होनी चाहिए।
न्यायिक परिसर के कॉन्फ्रेंस हॉल में अधिकारियों को निर्देश देते हुए माननीय न्यायाधीश संदीप मुद्गिल ने कहा कि भिवानी को छोटी काशी और खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक पाने के लिए जाना जाता है। यहां अपराध की वारदात नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए कि वर्तमान में अपराध का पैटर्न और टाईप दोनों बदल गए हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था भी नवीनत्तम तकनीक से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग न्यायालय में न्याय के लिए आते हैं और सचिवालय में अपने अन्य जरूरी सरकारी कार्य के लिए आते हैं, यहां पर लोग सुरक्षित महसूस होने चाहिए। यहां आने में लोगों को भय नहीं लगना चाहिए। न्यायिक परिसर और लघु सचिवालय परिसर के कम से कम 100 मीटर के दायरे में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद होनी चाहिए।
अधिकारियों की बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने माननीय न्यायाधीश को ड्राइंग के माध्यम से न्यायिक एवं लघु सचिवालय परिसर के भवन एवं सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के लिए आश्वस्त किया। इस दौरान सेशन जज डीआर चालिया, डीसी साहिल गुप्ता, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव पवन कुमार, भिवानी के एसडीएम महेश कुमार, तोशाम के एसडीएम प्रदीप अहलावत, सिवानी से एसडीएम विजया मलिक, नगराधीश अनिल कुमार, जिला बार प्रधान संदीप तंवर सहित अनेक न्यायिक अधिकारी एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।