Loading

भिवानी :

जिला में लिंगानुपात में सुधार लाने, कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई पर पूरी तरह अंकुश लगाने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को सुरक्षित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से एक्शन मोड में है तथा विभाग द्वारा अवैध गर्भपात की घटनाओं को रोकने और अनियंत्रित दवाओं की बिक्री पर लगाम लगाने के उद्देश्य से लगातार डिकॉय ऑपरेशन्स और औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं।

इसी कड़ी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मानेहरू के सीनियर मैडिकल ऑफिसर डा. कुलवंत डाबला के मार्गदर्शन में गठित एक विशेष टीम ने क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। इस टीम में डा. रितु फोगाट, डा. अमित, ब्लॉक आशा कॉर्डिनेटर सुरेन्द्र और फार्मासिस्ट कृष्ण शामिल रहे।
      विशेष टीम द्वारा क्षेत्र के दो प्रमुख मेडिकल स्टोर्स पर औचक निरीक्षण किया गया। कार्रवाई के दौरान टीम ने स्टोर में उपलब्ध गर्भपात संबंधी दवाओं के स्टॉक, उनके बिक्री रिकॉर्ड, डॉक्टरों के पर्चे तथा अन्य संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। इसके साथ ही मैडिकल स्टोर संचालकों को कड़े निर्देश दिए गए कि वे बिना वैध चिकित्सकीय परामर्श के किसी भी सूरत में ऐसी प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री न करें और हर रिकॉर्ड को पारदर्शी तरीके से बनाए रखें।
     स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध रूप से गर्भपात करने वाले क्लीनिकों, भ्रूण लिंग जांच करने वाले केंद्रों और गर्भपात संबंधी दवाओं की अनधिकृत बिक्री करने वालों के खिलाफ विभाग जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रहा है। विभाग की मुस्तैदी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इससे पहले भी एक बड़ी कार्रवाई के दौरान अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर संबंधित आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। प्रशासन का साफ संदेश है कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
      सीएचसी मानहेरू के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) डा. कुलवंत डाबला ने कहा कि बिना किसी योग्य डॉक्टर की सलाह, देखरेख और निगरानी के गर्भपात करवाना महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। यह ना केवल महिलाओं के शरीर पर बेहद हानिकारक प्रभाव डालता है, बल्कि इससे गंभीर शारीरिक जटिलताएं पैदा होती हैं और मातृ मृत्यु का खतरा अत्यधिक बढ़ जाता है।

उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य जिले में लिंगानुपात को बेहतर करना, कन्या भ्रूण हत्या पर पूरी तरह रोक लगाना और हर माता व शिशु के स्वास्थ्य को सुरक्षित करना है। महिलाओं के जीवन की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग की यह निगरानी और डिकॉय ऑपरेशन्स आगे भी लगातार और अधिक सख्ती से जारी रहेंगे।
      स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस मुहिम में सरकार और प्रशासन का साथ दें। यदि किसी भी नागरिक को अपने आसपास अवैध गर्भपात, भ्रूण लिंग जांच या गर्भपात की दवाओं की अवैध/ब्लैक में बिक्री होने की थोड़ी भी भनक लगती है, तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या विभाग के अधिकारियों को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।