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 भिवानी

पुलिस अधीक्षक भिवानी सुमित कुमार, आईपीएस के निर्देशानुसार जिला पुलिस द्वारा आम नागरिकों को ब्लैकमेल कर जबरन वसूली करने वाले आरोपियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में कार्रवाई करते हुए सीआईए स्टाफ-2 भिवानी की टीम ने वृद्ध व्यक्ति की वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी देकर ₹ 5 लाख की जबरन वसूली करने के मामले में मुख्य आरोपी सहित दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

डीसीपी क्राइम भिवानी अनूप कुमार ने जानकारी देते हुए बतलाया कि थाना औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाले एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि दिनांक 09 जुलाई 2026 को उनके क्राउन प्लाजा, पुराना बस स्टैंड स्थित कार्यालय में एक युवती नौकरी के संबंध में आई थी।

नौकरी देने से मना करने पर युवती ने कार्यालय में बने शौचालय का उपयोग करने का आग्रह किया। इसी दौरान एक युवक कार्यालय में आया और वीडियो बनानी शुरू कर दी। कुछ ही देर बाद युवती शौचालय से नग्न अवस्था में बाहर आई और युवक ने शिकायतकर्ता के साथ उसकी वीडियो बना ली। इसके बाद आरोपियों ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर शिकायतकर्ता से ₹ 05 लाख की मांग की।

भयवश शिकायतकर्ता ने मौके पर ₹ 4,47,000 आरोपियों को दे दिए। घटना के चार-पांच दिन बाद आरोपियों ने पुनः फोन कर ₹ 02 लाख की अतिरिक्त मांग की। इसके बाद पीड़ित ने थाना सिविल लाइन भिवानी में शिकायत दी, जिस पर संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक भिवानी श्री सुमित कुमार, आईपीएस ने सीआईए स्टाफ-2 के प्रभारी उप निरीक्षक दशरथ को आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। निर्देशों की पालना में दिनांक 21 जुलाई 2026 को एएसआई सुभाष के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नरेंद्र पुत्र महेंद्र निवासी देवसर, भिवानी, ममता पुत्री महेंद्र सिंह निवासी उत्तम नगर, भिवानी तथा पुष्पी पुत्री राकेश निवासी नया बाजार, भिवानी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि ममता ने अपने साथी नरेंद्र के साथ मिलकर वृद्ध व्यक्ति से जबरन वसूली की साजिश रची थी तथा पुष्पी को शिकायतकर्ता के कार्यालय में भेजा था। पुलिस टीम ने महिला आरोपी पुष्पी के कब्जे से ₹ 6,000 तथा ममता के कब्जे से ₹ 5,000 बरामद किए। वहीं मुख्य आरोपी नरेंद्र को माननीय न्यायालय में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ₹ 4,47,000/- लाख बरामद किए हैं।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी नरेंद्र हरियाणा पुलिस का जवान है, जो वर्तमान में जिला गुरुग्राम में कार्यरत है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से वारदात में प्रयुक्त अन्य साधनों, शेष राशि तथा इस प्रकार की अन्य घटनाओं के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार, आईपीएस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के साथ इस प्रकार की ब्लैकमेलिंग, वीडियो वायरल करने की धमकी देकर जबरन वसूली अथवा साइबर ब्लैकमेलिंग की घटना होती है, तो बिना किसी संकोच के इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। जिला पुलिस प्रत्येक शिकायत पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।