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भिवानी 

महान क्रांतिकारी शहीदे आज़म वीर ऊधम सिंह के बलिदान दिवस पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। शहीद ए आजम वीर ऊधम सिंह प्रदेश महासभा के सानिध्य में आयोजित विचार गोष्ठी में डा.अम्बेडकर फ्री डीजिटल लाईब्रेरी के विधार्थियों ने सरदार ऊधम सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला।

इस मौके पर सभा के प्रदेशाध्यक्ष राजू मेहरा ने कहा की आज की युवा पीढ़ी को अपने हक अधिकारों और अन्याय के खिलाफ लडने के लिए सरदार ऊधम सिंह के जीवन से सिखना चाहिए। महान क्रांतिकारी सरदार ऊधम सिंह जिन्होंने 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला इंग्लैंड में जाकर सन् 1940 में लिया था।

उनका बचपन का नाम शेर सिंह था। शहीद भगत सिंह को अपना आईडल मानने वाले सरदार ऊधम सिंह ने माईकल ओ डायर को उनके कर्मों की सजा मौत के घाट उतार कर ली थी। शहीद ऊधम सिंह बचपन से ही क्रांतिकारी विचार रखते थे। उनके जीवन में बड़ा बदलाव जलियांवाला बाग हत्याकांड के बाद आया।

जब इंग्लैंड शासन ने निहत्थे लोगों पर बर्बरता से गोली चलवाकर हजारों लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। लेकिन इस हत्याकांड के बाद बदले की भावना से ओत-प्रोत सरदार ऊधम सिंह ने 21 साल बाद जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लिया। आज के दिन इंग्लैंड में उनको फांसी की सजा दी गई थी। सरदार ऊधम सिंह के संघर्ष पूर्ण जीवन से क्रांति पैदा होना गर्व की बात है। इस मौके पर साहिल बंगालिया,राकेश ढाणा,अजय जोगी,मोंटी,शुषमा,रिकू,नरेश,कमल सहित अनेक युवा उपस्थित थे।।।