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भिवानी :
स्थानीय हुडा सेक्टर-13 में बिजली और पानी के गंभीर संकट को लेकर सेक्टरवासियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। मूलभूत सुविधाओं की किल्लत से परेशान नागरिकों ने रविवार को स्थानीय सेक्टर-13 स्थित सामुदायिक भवन में एक आपात बैठक की। इस मीटिंग की अध्यक्षता नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन विजय पचगांवा ने की। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के उदासीन रवैये के खिलाफ गहरा रोष प्रकट किया गया। मीटिंग के बाद भारी संख्या में एकत्रित हुए सेक्टरवासियों ने सेक्टर-13 स्थित पावर हाउस का घेराव किया और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
गर परिषद के पूर्व चेयरमैन विजय पचगांवा ने कहा कि हुडा सेक्टर-13 को कहने को तो शहर का पॉश इलाका माना जाता है, लेकिन आज यहां के हालात गांवों से भी बदतर हो चुके हैं। सेक्टर के निवासी समय पर अपने बिजली और पानी के बिलों का भुगतान करते हैं, इसके बावजूद उन्हें नरकीय जीवन जीने को मजबूर किया जा रहा है। 24 घंटों में 48-48 बार बिजली के कट लग रहे हैं।
भीषण गर्मी में बिजली न होने से पानी की सप्लाई भी पूरी तरह ठप है।
उन्होंने कहा कि सेक्टरवासी पानी का बिल भरने के बावजूद जेब से मोटी रकम खर्च कर निजी पानी के टैंकर खरीदने को मजबूर हैं। यह जनता पर सीधी दोहरी मार है। अब लोगों के सब्र का बांध टूट चुका है। सेक्टरवासियों ने सामूहिक रूप से मन बना लिया है कि या तो वे तंग आकर इस सेक्टर को छोड़ देंगे, या फिर यदि जल्द ही इस बिजली-पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो वे बिजली और पानी का बिल भरने का पूर्ण रूप से बहिष्कार करेंगे।
बैठक में मौजूद नागरिकों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। सेक्टरवासियों ने बताया कि जब भी बिजली गुल होने की शिकायत करने के लिए संबंधित विभाग के कार्यालय या कर्मचारियों को फोन किया जाता है, तो वहां से हर बार एक ही रटा-रटाया जवाब मिलता है कि कर्मचारी गुजरानी फीडर पर फॉल्ट ठीक करने गए हुए हैं। सैक्टर के प्रबुद्ध नागरिकों ने बताया कि इस विकट समस्या के बारे में संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत करवाया जा चुका है।
लेकिन आला अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। आश्वासन तो बड़े-बड़े दिए जाते हैं, लेकिन धरातल पर समाधान के नाम पर सिर्फ ढाक के तीन पात ही साबित हो रहे हैं। वही पूर्व पार्षद सुरेश अरोड़ा ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों के भीतर बिजली के अघोषित कट बंद नहीं हुए और पानी की सुचारू आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे सैक्टरवासियों के साथ मिलकर सडक़ों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और बिजली-जलघर विभाग की होगी। इसके साथ ही सैक्टरवासियों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की कि सैक्टर में बढ़ती चोरी पर लगाम लगाने के लिए रात्रि गश्त बढ़ाई जाए तथा बीपीएस स्कूल के सामने एक पीसीआर तैनात किया जाए, ताकि असामाजिक तत्वों पर रोक लगाई जा सकें।
इस अवसर पर चिरंजीलाल सांवरिया, राजकुमार, बलबीर कुमार, नरेश बंसल, नरेंद्र शर्मा, पंकज गोयल, कृष्ण सिंह नंबरदार, भूपेंद्र सिंह, एनके ढ़ांडा, नरेश, डा. हरज्ञान सिंह, डा. फूल सिंह, गजे सिंह, विरेंद्र सिंह, दिनेश कुमार, सत्यप्रकाश, मातुराम, राममेहर जांगड़ा, सुनील कुमार, प्रदीप ढ़ांडा, ओमप्रकाश भुक्कल, राकेश कुमार, सत्यवान, भूपेंद्र, राजपाल मान, सुरेश कुमार, अशोक कुमार, छाजूराम श्योराण, कृष्ण कुमार जेई, महेंद्र सिंह, हरि सिंह श्योरण, शैलेंद्र सहित अनेक सैक्टरवासी मौजूद रहे।