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भिवानी।

गांव सांगा के राजकीय विद्यालय में पिछले तीन वर्षों से लंबित पड़ी साइंस लैब के निर्माण की मांग को लेकर मंगलवार को विद्यार्थियों ने सीजेपी (CJP) की अगुवाई में स्कूल गेट पर धरना शुरू कर दिया। विद्यार्थियों के इस आंदोलन का असर यह रहा कि धरना शुरू होने के महज दो घंटे के भीतर JE और ठेकेदार मौके पर पहुंचे, निर्माण स्थल का निरीक्षण किया और लैब का निर्माण कार्य दोबारा शुरू करवा दिया।

प्रशासन और निर्माण एजेंसी की ओर से विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया कि अगले ढाई महीने के भीतर साइंस लैब का निर्माण पूरा कर दिया जाएगा।

सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधीर सांगवान ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अपनी बुनियादी शैक्षणिक सुविधाओं के लिए भी धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि साइंस लैब केवल एक कमरा नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की practical education और उनके भविष्य से जुड़ी बुनियादी सुविधा है।

उन्होंने कहा, “आज विद्यार्थियों की एकजुटता की जीत हुई है। प्रशासन ने दो घंटे में मौके पर पहुंचकर काम शुरू करवाया है, लेकिन यह आंदोलन केवल आश्वासन मिलने तक सीमित नहीं रहेगा। हम निर्माण की गुणवत्ता और काम की गति पर लगातार नजर रखेंगे। तय समय सीमा में लैब तैयार नहीं हुई तो सीजेपी पहले से बड़ा आंदोलन करेगी।”

इस पूरे मामले को करीब एक सप्ताह पहले किसान संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता लोकेश भिवानी ने प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने गांव सांगा पहुंचकर विद्यार्थियों और ग्रामीणों से मुलाकात की थी तथा लंबे समय से अधर में पड़े साइंस लैब के निर्माण को लेकर प्रशासन को जल्द कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसके बाद विद्यार्थियों, ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों में इस मुद्दे को लेकर लामबंदी तेज हुई।

लोकेश भिवानी ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं किसी सरकार की मेहरबानी नहीं, बल्कि हर बच्चे का अधिकार हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरकारी स्कूल में वर्षों तक साइंस लैब जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं होती और बच्चों को इसके लिए सड़क पर उतरना पड़ता है, तो यह पूरे सिस्टम के लिए गंभीर सवाल है।

उन्होंने कहा, “आज का आंदोलन यह साबित करता है कि जब विद्यार्थी अपने अधिकार के लिए एकजुट होकर आवाज उठाते हैं, तो प्रशासन को भी जवाब देना पड़ता है। काम शुरू होना अच्छी बात है, लेकिन अब हमारी जिम्मेदारी खत्म नहीं हुई। हम देखेंगे कि काम सिर्फ कागजों में शुरू हुआ है या जमीन पर तय समय में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा भी होता है।”

पूर्व सरपंच सतपाल ने कहा कि गांव के बच्चों की साइंस लैब की मांग लंबे समय से लंबित थी। एक सप्ताह पहले मुद्दा उठाए जाने के बाद विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासन पर दबाव बनाया, जिसका परिणाम आज सामने आया है।

सीजेपी सदस्य सुमित गिल ने कहा कि विद्यार्थियों की एकजुटता ने प्रशासन को महज दो घंटे में कार्रवाई के लिए मजबूर किया है। प्रशासन ने ढाई महीने में निर्माण पूरा करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि यदि तय समय सीमा में काम पूरा नहीं हुआ या निर्माण की गुणवत्ता से समझौता किया गया, तो सीजेपी विद्यार्थियों के साथ दोबारा आंदोलन करेगी।

सीजेपी नेताओं ने कहा कि सांगा का यह आंदोलन केवल एक साइंस लैब का मुद्दा नहीं है, बल्कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर सरकार और प्रशासन की जवाबदेही तय करने की लड़ाई है। संगठन ने कहा कि जहां भी सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ेगा, वहां उनकी आवाज उठाई जाएगी।

धरने के दौरान सीजेपी भिवानी के सदस्य सुमित गिल, पूर्व सरपंच कृष्ण, पूर्व सरपंच सतपाल, रमेश लाठर, दीपक शर्मा, ललित सहित अनेक विद्यार्थी और ग्रामीण मौजूद रहे।