Loading

 भिवानी।

प्रबंधक थाना बहल निरीक्षक संजय कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला जेल में बंद वे बंदी, जिन्हें न्यायालय अथवा सक्षम प्राधिकारी द्वारा पैरोल प्रदान की जाती है, उन्हें पैरोल अवधि के दौरान निर्धारित नियमों एवं शर्तों का पालन करना अनिवार्य होता है। पैरोल पर आए बंदी अपने द्वारा बताए गए निवास स्थान को छोड़कर अन्यत्र नहीं जा सकते, उन्हें शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए अच्छा आचरण रखना होता है तथा कोई ऐसा कार्य नहीं करना चाहिए जिससे आमजन की शांति भंग हो या कानून व्यवस्था प्रभावित हो।

उन्होंने बताया कि इसी प्रकार का एक मामला बंदी मनदीप उर्फ बागड़ी निवासी गुलशन नगर कॉलोनी, तोशाम, जिला भिवानी का सामने आया। उक्त बंदी पैरोल पर जेल से बाहर आया हुआ था, लेकिन पैरोल की शर्तों का उल्लंघन करते हुए दिनांक 04 जून 2026 को अपने साथियों के साथ लगभग 10 से 15 गाड़ियों के काफिले में गांव बुढेडा पहुंचा। वहां उसने अपने साथियों के साथ शक्ति प्रदर्शन किया तथा आम नागरिकों की शांति एवं कानून व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास किया। इस दौरान बनाई गई वीडियो को सोशल मीडिया पर भी अपलोड किया गया।

मामला पुलिस के संज्ञान में आने के उपरांत नियमानुसार कार्रवाई करते हुए बंदी मनदीप उर्फ बागड़ी के विरुद्ध पैरोल की शर्तों के उल्लंघन संबंधी रिपोर्ट तैयार कर उसकी पैरोल निरस्त किए जाने की सिफारिश भेजी गई। सक्षम प्राधिकारी द्वारा सिफारिश स्वीकार करते हुए आरोपी की पैरोल रद्द कर दी गई, जिसके बाद जिला पुलिस ने उसे पुनः जिला कारागार भिवानी में दाखिल करवा दिया।

मनदीप उर्फ बागड़ी के विरुद्ध दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। पहला मामला वर्ष 2018 का है, जिसमें मारपीट एवं जान से मारने की धमकी देने संबंधी धाराएं शामिल हैं। दूसरा मामला वर्ष 2020 का है, जिसमें हत्या, हत्या के प्रयास, मारपीट सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत अभियोग दर्ज है। उक्त अभियोग में वह उम्रकैद की सजा भुगत रहा था तथा पैरोल पर जेल से बाहर आया हुआ था।

दिनांक 22.06.2026 को इस प्रकरण में आगामी व प्रभावी कार्रवाई करते हुए थाना बहल पुलिस ने आरोपी मनदीप के 16 साथियों को भी गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध निवारक कार्रवाई कमल में लाई गई है

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान संदीप पुत्र धर्मबीर निवासी बुढेड़ा, मोनू पुत्र रामपाल निवासी बागनवाला, बजरंग पुत्र ज्ञानचंद निवासी तोशाम, अमित पुत्र अतर सिंह निवासी राजस्थान, आशीष पुत्र कृष्ण निवासी खानक, विकास पुत्र कृष्ण निवासी सिद्धवा, आकाश पुत्र संजय कुमार निवासी तोशाम, मोनू पुत्र रोशन लाल निवासी खानक, रमेश पुत्र कृष्ण कुमार निवासी तोशाम, जितेंद्र पुत्र रामनिवास निवासी गुलशन नगर कॉलोनी तोशाम, जोगेंद्र पुत्र फतेह सिंह निवासी गुलशन नगर कॉलोनी तोशाम, जगजीत पुत्र रामकुमार निवासी गुलशन नगर कॉलोनी तोशाम, सावन पुत्र रामनिवास निवासी गुलशन नगर कॉलोनी तोशाम, पंकज पुत्र राजबीर निवासी तोशाम, सुनील पुत्र बख्शीश निवासी किरावड व अजय पुत्र राजकुमार निवासी किरावड के रूप में हुई है।

उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक भिवानी सुमित कुमार, आईपीएस के स्पष्ट एवं सख्त निर्देश हैं कि पैरोल पर बाहर आने के बाद शांति व्यवस्था भंग करने वाले अथवा किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले बंदियों के विरुद्ध भविष्य में भी कठोर कार्रवाई करते हुए उनकी पैरोल निरस्त करवाने की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।

इसके अतिरिक्त, ऐसे व्यक्तियों को किसी प्रकार का आर्थिक, सामाजिक अथवा अन्य सहयोग प्रदान करने वाले तथा उनकी जमानत लेने वाले व्यक्तियों की गतिविधियों पर भी जिला पुलिस की कड़ी नजर है। यदि कोई व्यक्ति अपराधियों को संरक्षण अथवा सहयोग प्रदान करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिला पुलिस भिवानी आमजन से अपील करती है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध अथवा आपराधिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।