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भिवानी

जिला पुलिस भिवानी द्वारा महिला विरुद्ध अपराध के मामलों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए आरोपियों को न्यायालय से सजा दिलाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में थाना शहर भिवानी में दर्ज दहेज हत्या के मामले में माननीय न्यायालय  सुरुचि अत्रेजा सिंह, एडिशनल सेशन जज, भिवानी द्वारा आरोपी पति निशु पुत्र ओमप्रकाश तथा उसकी मां संतोष पत्नी ओमप्रकाश, निवासी मोडान गली, भिवानी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई है।

मामले की शिकायत एवं घटना का विवरण:

दिनांक 17.01.2020 को थाना शहर भिवानी पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि अंजू पत्नी निशु पुत्र ओमप्रकाश, निवासी मोडान गली, भिवानी ने अपने गले में फांसी का फंदा लगाकर जीवन समाप्त कर लिया है। मृतका के पिता हरगोविंद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी बेटी अंजू की शादी दिनांक 08.12. 2019 को हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार भिवानी के भारत भवन धर्मशाला में हुई थी शादी के बाद अंजू का पति निशु तथा उसकी सास संतोष दहेज में कार व नकदी की मांग को लेकर उसे शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। अंजू ने बताया था कि ससुराल वालों द्वारा उसे बहुत अधिक प्रताड़ित किया जा रहा है। इसके बाद उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

पुलिस कार्रवाई:

मृतका के पिता की शिकायत पर थाना शहर भिवानी में अभियोग संख्या 42 दिनांक 18 जनवरी 2020, धारा 304-B, 498-A व 34 भारतीय दंड संहिता के तहत अभियोग दर्ज किया गया। पुलिस द्वारा शिकायत प्राप्त होने के तुरंत बाद मामले में नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। मामले की जांच पूरी कर पुलिस द्वारा चालान माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोग की ट्रायल के दौरान पुलिस द्वारा माननीय न्यायालय के समक्ष मामले से संबंधित साक्ष्य एवं गवाह प्रस्तुत किए गए। प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया गया।

आरोपी संतोष पत्नी ओमप्रकाश को सजा:

माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी संतोष पत्नी ओमप्रकाश को धारा 304-B भारतीय दंड संहिता, धारा 34 IPC के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा 20,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। वहीं धारा 498-A IPC, धारा 34 IPC के तहत 03 वर्ष के कठोर कारावास तथा 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर 03 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

आरोपी निशु पुत्र ओमप्रकाश को सजा:

माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी निशु पुत्र ओमप्रकाश को धारा 304-B भारतीय दंड संहिता, धारा 34 IPC के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा 20,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। वहीं धारा 498-A IPC, धारा 34 IPC के तहत 3 वर्ष के कठोर कारावास तथा 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर 3 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

पुलिस अधीक्षक भिवानी सुमित कुमार, आईपीएस ने कहा कि महिला विरुद्ध अपराध के मामलों में जिला पुलिस द्वारा जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रबंधकों को निर्देश दिए हैं कि महिला विरुद्ध अपराध की सूचना प्राप्त होते ही अभियोग दर्ज कर तुरंत एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जाए। ऐसे मामलों में जांच को निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण रखते हुए अभियोग की ट्रायल के दौरान मामले की मजबूती से पैरवी सुनिश्चित की जाए, ताकि दोषी आरोपियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जा सके और पीड़ित को न्याय मिल सके।