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भिवानी में लेडी टीचर मनीषा की मौत के मामले में उनके पिता संजय ने आमरण अनशन पर बैठने का ऐलान किया है। रविवार को ढाणी लक्ष्मण गांव में आयोजित महापंचायत में संजय ने कहा, “मैं अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए DC कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठूंगा। मैं आम लोगों से अपील करता हूं कि इस न्याय की लड़ाई में मेरी मदद करें।”

मामले को लेकर गठित संघर्ष समिति ने सरकार को 21 दिन का अल्टीमेटम दिया है। समिति का कहना है कि यदि तय अवधि के भीतर न्याय नहीं मिला तो 29 जून से DC कार्यालय के बाहर आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।

पिछले साल 13 अगस्त को मनीषा की डेडबॉडी मिली थी। परिवार ने हत्या के आरोप लगाए थे। इस मामले की जांच CBI कर रही है। 

मनीषा के पिता संजय ने बताया था कि उनकी बेटी 11 अगस्त 2025 को प्ले स्कूल में ड्यूटी पर गई थी। इसके बाद वह नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए जाने की बात कहकर घर से निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी। दो दिन बाद, 13 अगस्त को उसका शव गांव सिंघानी के खेतों में मिला था।

घटना के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया, जिस पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। मनीषा को न्याय दिलाने के लिए लोगों ने धरना-प्रदर्शन भी किया। हालांकि, 18 अगस्त को पुलिस ने मामले को आत्महत्या करार दिया। इसके बाद लोगों का विरोध और तेज हो गया। बढ़ते आंदोलन को देखते हुए मनीषा का तीसरी बार दिल्ली एम्स में पोस्टमॉर्टम कराया गया और मामले की जांच CBI को सौंप दी गई।