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भिवानी
जिला पुलिस भिवानी द्वारा संगीन अपराधों में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश करने तथा ट्रायल के दौरान प्रभावी पैरवी किए जाने के परिणामस्वरूप माननीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, भिवानी सुरुचि अटरेजा सिंह की अदालत द्वारा जान से मारने की नीयत से गोली चलाने के मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई है।
मामले के अनुसार दिनांक 05 दिसंबर 2016 को बवानी खेड़ा निवासी अनिल की शिकायत पर थाना बवानी खेड़ा में मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि वह अपने घर की ओर जा रहा था। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार युवकों द्वारा उसके ऊपर जान से मारने की नीयत से गोली चलाई गई। आरोपियों द्वारा उसका पीछा करते हुए भी फायर किए गए, जिससे वह घायल हो गया और अपनी जान बचाने के लिए घर में घुस गया।
शिकायत के आधार पर थाना बवानी खेड़ा पुलिस द्वारा धारा 307, 34 IPC तथा 25/54/59 आर्म्स एक्ट के तहत अभियोग दर्ज किया गया। पुलिस द्वारा मामले की गहनता से जांच करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा उनके कब्जे/निशानदेही से वारदात में प्रयुक्त हथियार एवं अन्य साक्ष्य जुटाए गए। इसके बाद पुलिस द्वारा आरोपियों के विरुद्ध माननीय न्यायालय में चालान पेश किया गया।
आरोपी अजय को सुनाई गई सजा।
माननीय न्यायालय द्वारा अजय पुत्र ईश्वर, निवासी वार्ड नंबर- 12, बवानी खेड़ा को धारा 307, धारा 34 IPC के तहत उम्रकैद तथा ₹ 20,000 जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में 06 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
इसके अतिरिक्त आरोपी को धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत 03 वर्ष का कठोर कारावास तथा ₹ 10,000 जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर 06 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
आरोपी अमरदीप को सुनाई गई सजा।
इसी मामले में माननीय न्यायालय द्वारा अमरदीप पुत्र सतबीर सिंह, निवासी गांव बालियाली, जिला भिवानी को धारा 307, धारा 34 IPC के तहत उम्रकैद तथा ₹ 20,000 जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में 06 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
इसके अतिरिक्त आरोपी को धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत 03 वर्ष का कठोर कारावास तथा ₹ 10,000 जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर 06 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
पुलिस अधीक्षक भिवानी सुमित कुमार, IPS ने कहा कि जिला पुलिस द्वारा संगीन अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों में आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जाए तथा ट्रायल के दौरान पुलिस द्वारा मजबूती से पैरवी करते हुए सभी आवश्यक साक्ष्य माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं, ताकि पीड़ित को न्याय और अपराधी को कानून के अनुसार सजा दिलाई जा सके।